Bihar Board 12th Science Physics Subjective Question 2025 | Bihar Board Inter Exam 2025 Physics Ka Question

Bihar Board 12th Science Physics Subjective Question 2025 :- दोस्तों यदि आप Bihar Board 12th Physics ( भौतिक विज्ञानं ) की तैयारी कर रहे हैं तो यहां पर आपको कक्षा 12 भौतिक विज्ञान का क्वेश्चन 2025 दिया गया है जो आपके 12th Class Science Question And Answer 2025 pdf के लिए काफी महत्वपूर्ण है | Class 12th final Exam Physics Question 2025 | Class 12th Hindi


12th Science Subjective Question 2025 Physics

1. व्यतिकरण तथा विवर्तन में अंतर स्पष्ट करें 

उत्तर ⇒ 

व्यतिकरणविवर्तन
1. दो कला सम्बद्ध स्रोतों से उत्सर्जित तरंगों के अध्यारोपण से व्यतिकरण उत्पन्न होता है।

2. व्यतिकरण फ्रिजे समान या असमान चौड़ाई की हो सकती है ।

3. व्यतिकरण क्षेत्र की सभी दीप्त फ्रिजों की तीव्रता समान होती है।

1. विवर्तन की घटना एक ही तरंगा के विभिन्न बिंदुओं से उत्सर्जित द्वितीयक तरंगिकाओं के अध्यारोपण द्वारा उत्पन्न होता है।

2. विवर्तन पट्टियाँ कभी भी एक चौड़ाई की नहीं हो सकती।

3. विवर्तन पैटर्न की दीप्त फ्रिंजे भिन्न तीव्रता की होती है।


2. बूस्टर का नियम क्या है, समझावें ।

उत्तर ⇒ बूस्टर का नियम-डेविड बूस्टर ने अपने प्रयोग द्वारा यह पाया कि जय प्रकाश किरण किसी अपवर्तक सतह पर आपतित होता है तो आपतन कोण, ध्रुवण कोण के तुल्य होता है तथा परावर्तित किरण एवं अपवर्तित किरण एक-दूसरे पर लम्बवत होते हैं।

यहाँ ip = धुवण कोण

 चित्र से,                  ip + π/2 + r = π

           ip + r = π/2

          r = (π/2 – ip                               ..… (1)

यदि प्रकाश किरण हवा से किसी माध्यम (अपवर्तनांक M) में जा रही हो, तो स्नेल के नियम से,

μ1 sin i = μ2 sin r

1.sin ip =  μ sin (π/2 – ip    

 sin ip = μ . cos ip

tan ip = μ 

ip = tan-1 (μ)                                   ……….. (2)

समी. (2) को ही बूस्टर का नियम कहा जाता है।


3. घूवित प्रकाश का उपयोग लिखें।

उत्तर ⇒ धूवित प्रकाश का निम्नलिखित उपयोग है :

(i) भूवित प्रकाश का उपयोग त्रिविमीय फोटो संग्रह करने तथा उत्पन्न करने में किया जाता है।

(ii) भूवित प्रकाश का उपयोग अणु तथा क्रिस्टलों के बीच समानता के अध्ययन में किया जाता है।


4. पोलेरॉइड क्या है? इसके दो उपयोगों को लिखें।

उत्तर ⇒ पोलैरॉइड— पोलैरॉइड एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें चयनात्मक शोषण द्वारा समतल भूवित प्रकाश उत्पन्न किया जाता है।

उपयोग 

(1) पोलैरॉइड का उपयोग चश्मों में होता है।

(2) बाहर से आने वाले तीव्र प्रकाश को नियंत्रित करने के लिए रेलगाड़ी एवं हवाई जहाज की खिड़कियों में भी पोलैरॉइड लगाया जाता है।


5. प्रकाश के धूवण से क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ प्रकाश का ध्रुवण- सामान्यतः साधारण प्रकाश को अधूवित प्रकाश कहा जाता है। साधारण प्रकाश के तरंग संचरण के लम्बवत् तल के कंपन को केवल एक ही दिशा में सीमित करने की घटना को प्रकाश का धूवण कहा जाता है तथा इस प्रकाश को धूवित प्रकाश कहा जाता है।


6. ब्रूवित प्रकाश एवं अधूवित प्रकाश में अंतर स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ प्रकाश का धूवण— सामान्यतः साधारण प्रकाश को अथूवित प्रकाश कहा जाता है। साधारण प्रकाश के तरंग संचरण के लम्बवत् तल के कंपन को केवल एक ही दिशा में सीमित करने की घटना को प्रकाश का ध्रुवण कहा जाता है तथा इस प्रकाश को धूवित प्रकाश कहा जाता है।


7. मेलस का नियम क्या है ?

उत्तर ⇒  मेलस का नियम— मेलस के अनुसार, यदि ध्रुवक एवं विश्लेषक द्वारा संचरण के तलों के बीच का कोण 9 हो, तो संचरित प्रकाश की तीव्रता I = l0 cos θ होती है।

जहाँ,  l0 = संचरित प्रकाश की तीव्रता ।


8. विभेदन क्षमता से क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ विभेदन क्षमता किसी प्रकाशीय यंत्र द्वारा दो (Resolving Power) पास-पास स्थित वस्तुओं के प्रतिबिंबों को अलग-अलग करने की क्षमता, उस प्रकाशिक यंत्र की विभदेन क्षमता कही जाती है।


9. फ्रेनेल का विवर्तन एवं फ्राउन होफर का विवर्तन में अंतर स्पष्ट करें ।

उत्तर ⇒ फ्रेनेल का विवर्तन जब प्रकाश स्रोत अथवा पर्दा या दोनों किसी अवरोध से सीमित दूरी पर रहते हैं, तो प्राप्त विवर्तन पैटर्न को फ्रेनेल का विवर्तन कहा जाता है।

फ्राउन होफर का विवर्तन- जब प्रकाश स्रोत और पर्दा या दोनों किसी अवरोधक से अनंत दूरी पर स्थित हो, तो प्राप्त विवर्तन पैटर्न को फ्राउन हॉफर का विवर्तन कहा जाता है।


10. दो लैंप से आनेवाला प्रकाश व्यतिकरण उत्पन्न नहीं कर पाता व्याख्या करें।

उत्तर ⇒ दो प्रकाश स्रोतों के बीच व्यतिकरण होने के लिए दो शर्तों का पूरा होना आवश्यक है :

(i) दोनों स्रोतों से समान तरंगदैर्ध्य की तरंगें निकलनी चाहिए।

(ii) दोनों स्रोतों को कलासम्बन्द्ध होना चाहिए। दो अलग-अलग लैंपों से उत्पन्न तरंगों की कला का संबंध नियत नहीं रह सकता। अतः दो कणों के बीच एक निश्चित कला सम्बद्ध का होना संभव नहीं है। इसका फल यह होता है कि प्रत्येक बिंदु पर प्रकाश का चमकीलापन बहुत तेजी से बदलता रहता है। अतः पर्दे पर व्यतिकरण फ्रिंजे उत्पन्न नहीं कर पाते।


11. साबुन के बुलबुले अथवा पानी पर तेल की पतली परत को श्वेत प्रकाश से प्रकाशित करने पर सुंदर रंग दिखाई पड़ते हैं. क्यों ?

उत्तर ⇒  साबुन के बुलबुले अथवा पानी पर तैरती तेल की पतली परत से श्वेत प्रकाश के परावर्तन के क्रम में विभिन्न रंगों का दिखाई पड़ना “प्रकाश के व्यतिकरण” के कारण होता है। इन फिल्मों के विपरीत पृष्ठों से प्रकाश तरंगों के परावर्तन के कारण पथांतर उत्पन्न होता है। श्वेत प्रकाश के जिस तरंगदैर्ध्य के लिए रचनात्मक व्यतिकरण की शर्त मान्य होती है उसी तरंगदैर्घ्य का प्रकाश दिखाई पड़ता है।

12th physics subjective question 2025


12. फ्रेनेल की दूरी से क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ यदि विवर्तन द्वारा उत्पन्न विस्तारण अर्थात् किरण पुँज की चौड़ाई लगभग द्वारक के साइज ‘a’ की कोटि का हो, तो

Zλ/a = a ⇒ Z = a2/λ                           …………….(1)

समी. (1) से प्राप्त Z का मान दूरी को व्यक्त करता है जिसके लिए किरण प्रकाशिकी को वैद्य माना जाता है। इस दूरी को फ्रेनेल दूरी ‘Zf‘ कहा जाता है।

अतः फ्रेलेल दूरी Z= a2


13. रंगीय विपथन (त्रुटि) को कैसे कम किया जाता है ?

उत्तर ⇒ दो प्रिज्मों को एक-दूसरे के विपरीत दिशा में जोड़ने से रंगीय विपथन को कम किया जाता है।


14. कला सम्बद्ध स्रोत क्या है ?

उत्तर ⇒  ऐसे दो प्रकाश स्रोत जिनसे एक ही आवृत्ति की प्रकाश तरंगे निकलती है तथा जिनके बीच कलान्तर नियत रहता है, अर्थात् समय के साथ नहीं बदलता है, उन्हें कला-सम्बन्ध स्रोत कहते हैं। कला सम्बद्ध स्रोतों से उत्सर्जित प्रकाश तरंगें भी कला सम्बद्ध होती है।

उदाहरण- (i) फ्रेनल बाईप्रिज्म में स्लिट के दो आभासी प्रतिबिम्ब ।

(ii) लॉयड दर्पण में स्रोत तथा उसका आभासी प्रतिबिम्ब ।


15. मृगतृष्णा की परिभाषा दीजिए।

उत्तर ⇒ रेगिस्तान और तारकोल वाली सड़कों को प्रकाशित दृष्टि भ्रम के कारण पानी से ढका देखते हैं, परन्तु वहाँ पहुँचने पर पानी उपलब्ध नहीं होता रेगिस्तानों में प्यासे पशु गर्म रेत पर पेड़ों के प्रतिबिम्ब देखकर पानी के तालाब होने की आशा करने पर, वहाँ पहुँचने पर पानी का तलाब नहीं पाते और अतः इसे प्रकाशिक दृष्टि भ्रम कहते हैं।


16. चौड़ी द्वारक के विवर्तन क्यों नहीं उत्पन्न होती है।

उत्तर ⇒ तरंगदैर्ध्य की अपेक्षा बहुत बड़े अवरोधक द्वारा विवर्तन के प्रभाव उपेक्षणीय अथवा इतने सूक्ष्म होते हैं कि विशिष्ट व्यवस्थाओं द्वारा ही उनका परीक्षण संभव है।


17. प्रकाश में डॉप्लर प्रभाव के दो प्रयोग बतावें

उत्तर ⇒  प्रकाश में डॉप्लर प्रभाव के दो प्रयोग निम्नलिखित हैं :

(i) तारों तथा प्रकाश गंगा की चाल मापने में।

(ii) सूर्य का अपने अक्ष के परितः परिक्रमण वेग ज्ञात करने में


18. दर्शन कोण क्या है ?

उत्तर ⇒ किसी वस्तु द्वारा नेत्र लेंस पर अंतरित कोण दर्शन कोण कहलाता है।

यह वस्तु के साइज को निर्धारित करता है। इसे α या β द्वारा सूचित किया जाता है।

यहाँ α दर्शन कोण है।

 ∴  α = AB/x


19. काँच के आयताकार स्लैब के कारण पाश्र्वय विस्थापन का व्यंजक प्राप्त करें ।

उत्तर ⇒ :

यहाँ Δt पाश्र्वय विस्थापन = CD 

चित्र से AACD

 sin (i-r) = CD/AC = Δt/AC

⇒                Δt = AC. sin (i – r)                      ……..(i)

                   ΔABC में,

                  cos r = AB/AC = t/AC

⇒                AC = t/cos r                                ……..(ii)

समी. (i) एवं (ii) से

Δt = t/cos r.sin (i-r)                      ……..(iii)

समी. (iii) आवश्यक व्यंजक है।


20. दूरदर्शी की विभेदन क्षमता से क्या समझते है ? इसका सूत्र लिखें।

उत्तर ⇒

दूरदर्शी को विभेदन क्षमता : दूरदर्शी द्वारा दो पास-पास स्थिति  वस्तुओं के अलग-अलग स्पष्ट प्रतिबिंब बनाने की क्षमता को दूरदर्शी  की विभेदन क्षमता कहा जाता है। इसे निम्नलिखित सूत्र से ज्ञात  किया जाता है :

R.P.= q/1.22λ

जहाँ a = लेंस का द्वारक

λ = प्रकाश का तंरगदैर्ध्य

दूरदर्शी के विभेदन क्षमता को अधिक होने के लिए अभिदृश्यक लेंस का द्वारक बड़ा होना चाहिए।


21. ध्रुवित प्रकाश उत्पन्न करने वाले युक्ति का नाम लिखें। संचारित प्रकाश की तीव्रता, धूव और विश्लेषक के बीच के कोण पर किस प्रकार निर्भर करती है, इसे ग्राफ द्वारा दिखायें।

उत्तर ⇒ ध्रुवित प्रकाश, निकॉल प्रिज्म अथवा कैलसाइट क्रिस्टल द्वारा उत्पन्न किया जा सकता है।

मेलस के नियम के अनुसार, यदि ध्रुवक और विश्लेषक द्वारा संचरण तलों के बीच का कोण 8 हो तो संचरित प्रकाश की तीव्रता I = I0 cos2θ  होगी। जहाँ I0 संचरित प्रकाश की महत्तम तीव्रता ।

नीचे चित्र में ग्राफ की प्रकृति दिखाई गई है।

 


Chapter Wise Important Questions 2025 for Class 12 Physics

22. अनुदैर्ध्य तरंगें क्यों नहीं धुवित की जा सकती है ?

उत्तर ⇒ ध्रुवण की घटना केवल अनुप्रस्थ तरंगों में होती है, अनुदैर्ध्य तरंगों में नहीं अनुप्रस्थ तरंगों में कंपन की दिशा तरंग संचरण की दिशा के लम्बवत् होती है जबकि अनुदैर्ध्य तरंगों में कंपन की दिशा के अनुरेख होती है।

अधुवित तरंग का अर्थ है कंपन का अभिविन्यास तरंग के संचरण की दिशा के लम्बवत् विभिन्न कोणों पर होना तथा कोण पर ही कंपन का संचरित होना। यह क्रिया अनुदैर्ध्य तरंग में संभव नहीं हो सकती है।


23. उत्तल लेंस के प्रधान अक्ष के ऊपर रखे बिंदु का लेंस से बने प्रतिबिंब को दिखाने वाला किरण आरेख खींचे यदि वस्तु फोकस दूरी तीन गुनी दूरी पर है।

उत्तर ⇒


24. खतरे का संकेत लाल क्यों होता है ? समझाएँ।

उत्तर ⇒ प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण लाल रंग का छितराव या प्रकीर्णन बहुत कम होता है क्योंकि प्रकाश के प्रकीर्णन का दर उसके तरंगदैर्ध्य के चतुर्थ घात के व्युत्क्रमानुपाती होता है और लाल रंग का तरंगदैर्घ्य सबसे अधिक होता है जिसके फलस्वरूप इसका प्रकीर्णन कम होने के कारण अधिक दूर तक होता है। अतः खतरे का संकेत लाल होता है।


25. हाईगेंस के तरंग सिद्धांत की व्याख्या करें ।

उत्तर ⇒ हाईगेस के अनुसार “हाईगेस का ऐसा विश्वास था कि प्रकाश तरंग अनुदैर्ध्य तरंग है, जो तरंग के गति की दिशा में काल्पनिक माध्यम ईथर में 3 x 10 m/sec की चाल से संचरित होता है। इस सिद्धांत के अनुसार प्रकाश में परावर्तन, अपवर्तन, व्यतिकरण एवं विवर्तन की सफलता पूर्वक व्याख्या की गई परन्तु ध्रुवण के बारे में यह सिद्धांत कुछ जानकारी नहीं दे सका।


26. प्राथमिक एवं द्वितीयक इंद्रधनुष में अंतर लिखें। अथवा, द्वितीयक इन्द्रधनुष को समझाएँ ।

उत्तर ⇒ प्राथमिक इंद्रधनुष बूँदों पर आपतित प्रकाश के दो बार अपवर्तन और एक बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण प्राथमिक इंद्रधनुष का निर्माण होता है। यह एक रंगीन बैंड होता है जिसके बाहरी किनारे पर लाल रंग और आंतरिक किनारे पर बैंगनी रंग होता है।

द्वितीय इंद्रधनुष- बूँदों पर आपतित प्रकाश के दो अपवर्तन और दो बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण इसका निर्माण होता है। द्वितीय इंद्रधनुष एक रंगीन बैड है। जिसके बाहर की ओर बैगनी रंग तथा अंदर की ओर लाल रंग होता है


27. नेत्र के समंजन क्षमता से क्या समझते है ? 

उत्तर ⇒ नेत्र लेंस की वह क्षमता, जिसके कारण वस्तु की दूरी बदलने के साथ ही नेत्र लेंस की फोकस दूरी स्वतः समनियोजित हो जाती है, तथा प्रतिबिंब रेटिना पर बनता है, नेत्र लेंस की समंजन क्षमता कहलाता है।


28. संपोषी व्यतिकरण की दो आवश्यक शर्तों को लिखें । अथवा, रचनात्मक व्यतिकरण के दो आवश्यक शर्तों को लिखें ।

उत्तर ⇒ संपोषी व्यतिकरण या रचनात्मक व्यतिकरण के लिए निम्नलिखित दो आवश्यक शर्तें है जो इस प्रकार है

(1) संपोषी व्यतिकरण के लिए कलांतर का मान π या π तो गया का समगुणज होना चाहिए।

(2) संपोषी व्यतिकरण के लिए पथांतर का मान या तो λ/2 या λ/2 का सम गुणज होना चाहिए।


29. खगोलीय दूरबीन द्वारा बने प्रतिबिंब का किरण आरेख प्रदर्शित करें ।

उत्तर ⇒ 

Bihar Board 12th Science Physics Subjective


Class 12th – Physics Objective 
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